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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI एक्शन, करोड़ों की डिजिटल लूट में गिरफ्तारी

nidhi
28 Sept 2026 9:04 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI एक्शन, करोड़ों की डिजिटल लूट में गिरफ्तारी
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डिजिटल ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली: डिजिटल अरेस्ट के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला करीब 11 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा बताया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां सख्ती बरत रही हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पीड़ितों से बड़ी रकम की ठगी की। साइबर अपराधियों ने खुद को सरकारी अधिकारी, जांच एजेंसी या कानून से जुड़े व्यक्ति बताकर लोगों को डराया और कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाए। डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराध का एक नया तरीका है, जिसमें ठग वीडियो कॉल या फोन के जरिए खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी विभागों का अधिकारी बताकर पीड़ित को मानसिक दबाव में लेते हैं। इसके बाद फर्जी जांच, गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ऐंठे जाते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने जांच शुरू की और डिजिटल लेन-देन, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए ऐसे अपराधों से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई है। अदालत ने डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों को लेकर कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने पर भी चर्चा की है।
पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार लोगों को सावधान कर रही हैं कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर डराकर पैसे जमा करने के लिए नहीं कहती। यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर पैसे की मांग करता है तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग या साइबर हेल्पलाइन को देनी चाहिए।
CBI की इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है। जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में लोगों को अनजान कॉल, फर्जी वीडियो कॉल और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।
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